ऑनलाइन चेटिंग में मिली / Online chatting mein mili

बात है उस समय की जब मैं बारहवीं में पढ़ता था तब मुझे ऑनलाइन चेटिंग करने का बहुत शौक था। तब मैं ऐसे ही किसी चैट साइट पर चला गया तो मेरी एक लड़की से बात हुई जो कॉल सेंटर में जॉब करती थी, उसकी नाइट शिफ्ट थी तो वह सिर्फ़ सुबह 4-5 बजे ही ऑनलाइन आ सकती थी। तो मैं उसके लिए सवेरे सवेरे जाग कर ऑनलाइन आया करता था। अभी तक मैंने उसे देखा भी नहीं था। अचानक से एक दिन उसने कहा- चलो हम स्काईपी पे बात करते हैं।

यानि वीडिया चैट करते हैं।

मुझे तो उसे देखने की पहले ही जल्दी हो रही थी तो मैंने झट से हाँ बोल दी। जैसे ही मैंने उसे पहली बार देखा मेरे तो होश ही उड़ गये। दोस्तो क्या बताऊँ मैं आप लोगों को कि क्या हुस्न की परी थी वो ! और उसके बुब्बे तो जैसे कंप्यूटर से बाहर निकल कर मुझे बोल रहे हो कि दबा लो हमें !

उसका फिगर बिल्कुल 36-24-36 रहा होगा, रंग एकदम गोरा चिट्टा और बॉल एकदम सुनहरे ! कुल मिला कर उसने ऐसी खूबसूरती पाई थी कि किसी मुर्दे के सामने भी खड़ी हो जाए तो उसका भी खड़ा हो जाए।

अब हमारे मिलने का तय हुआ दिल्ली के एक ऐसी जगह जहाँ चुदाई का कार्यक्रम खुले आम चलता था। पहले हम लोग खूब घूमे और घूमते घूमते मैंने उसे सब जगह छुआ भी जिससे उसे कोई दिक्कत नहीं थी। तो मेरा भी मनोबल ऊँचा हो गया और मैं उसे पार्क में ले गया जहाँ हम दोनों लेट गये और बातें करने लगे।

बातों में ना उसे दिलचस्पी थी ना मुझे और हम दोनों एक दूसरे को बस छुए जा रहे थे तो मैंने उसे पूछा- क्या मैं तुम्हारे हाथ पर किस कर सकता हूँ?

तो उसे हाँ कर दी।

तो में हाथों से आगे बढ़ता हुआ उसके गालों तक पहुँच गया और उसने कोई असहमति नहीं जताई तो मेरा मनोबल और भी बढ़ गया और मैंने धीरे से उसके गालों को चूम लिया। उसकी साँसें बहुत तेज़ हो गई और वो भी अब मेरा साथ दे रही थी।

फिर मैंने उसकी गर्दन की साइड में काटा तो वो बहुत गरम हो चुकी थी और अपने बुब्बे खुद ही मसले जा रही थी। मैंने उसका हाथ हटाया और उसके बुब्बे ज़ोर ज़ोर से मसलने शुरू कर दिए और एक हाथ से उसकी चूत पर सहलाना भी शुरू कर दिया।

अब तो वह पूरी तरह से गीली हो चुकी थी, मुझे बेतहाशा चूमे जा रही थी और मैं भी उसके बालों में हाथ फिरा फिरा कर उसकी गर्दन की साइड में बुरी तरह काट रहा था। मैं उसके होंठो को भी चूस चूस कर काट रहा था और उसकी चूत पर पेंटी के ऊपर से ही अपने हाथ फिरा रहा था।

फिर मैंने अचानक ही उसके बुब्बे ज़ोर से काट लिए और उसके चूत के दाने को पकड़ के दबा दिया तो वह उछल पड़ी और मेरा लंड पकड़ कर अपनी तरफ खींचने लगी।

बाद में जब हम दोनों को होश आया कि हम लोग पार्क में हैं तो हम दोनो ने कपड़े ठीक किए और वहाँ से अपने रूम में चले आए जहाँ हमने पहली बार चुदाई का खेल खेला। वहाँ आते आते रास्ते में ऑटो में हम लोगों ने खूब किस किया और मैंने उसके खूब बूब्स दबाए और उसे खूब गरम किया।

जैसे ही हम लोग रूम पर आए तो उसने झट से दरवाजा बंद किया और मेरे ऊपर चढ़ गई और मुझे बेतहाशा किस करने लगी। मैंने भी उसका पूरा साथ दिया और उसके बूब्स दबाते हुए बहुत किस किया और दूसरे हाथ से उसके पेंटी के उपर से ही उसकी चूत को खूब रगड़ा।

बाद में मैंने उसे बिस्तर पर पटक दिया और उसका टॉप उतार फेंका और उसके ब्रा के उपर से ही उसके बूब्स को खूब चूसा और दबाया। वो तब तक बहुत ही गरम हो चुकी थी तो नीचे सरक कर मैंने उसकी नाभि को उंगलियों से खूब सहलाया और बाद में उसे चूसा और काटा भी।

साथ साथ एक हाथ से उसके बूब्स को मसलता और दूसरे हाथ से उसकी चूत को खूब रगड़ता। फिर मैंने नीचे जाकर उसकी जीन्स भी उतार दी और उसकी जांघों को खूब मसला और उन्हें काट काट कर लाल कर दिया और फिर उसकी चूत को चूस चूस कर उसका सारा पानी निकाल दिया।

मैंने उसकी चूत को चाटते हुए उसके दाने के साथ बहुत खेला, उसे दबाया, मसला और ना जाने क्या क्या किया।

बाद में दोस्तो वो इतनी पागल हो गई कि एक सेकेंड भी नहीं रुक पा रही थी बिना चुदे तो मैंने उसे बहुत स्टाइल्स में चोदा और उसकी भूख शांत की।